अपनी तक़दीर या भाग्य लिखने के लिए।
Pen ✍️ या Pain तो उठाना पड़ता है।
A poem about love that lives quietly in the heart and waits to be heard.
मंचीय कविता
लेखक ✍️ की कहानी
बेवजह ही बेबाक मैं कलेजा दुखाता हूँ।
कलम उठने से पहले उसे हर बार रुलाता हूँ।
शब्द मिलते कहा है बिना टूटे रूह के।
खामखा इस रूह को मैं धोखा सिखाता हूँ।
जिस्म छिलता हूँ रूह निचोड़ता हूँ।
ये सब करता हूँ नज़्म को जुबान करने में।
मैं मैं नहीं रहता शब्दों को आसान करने में।
Akashvani
A reflection on the bond between a performer and the stage.
प्रेरणा
उठो
प्रोत्साहन की जरूरत उसे है जिसे बिस्तर से उठाना हो
जीवन में उठने के लिए प्रोत्साहन की नहीं जज़्बे की जरूरत होती है।
Akashvani
An inspirational verse about rising after every fall.